Sunday, February 19, 2017

जनाज़े से पहले - before the funeral

या अल्लाह अर-रहीम 
कितने सजदे 
किये तेरे दर पे 
इस नजिस ने!

आँसू रुकते नहीं 
काँप उठती  है रूह 
सैलाब बनके फ़ैलती है
उसकी याद!

अब नूर-ए -रहम फरमा 
और 
आगोश में ले तेरे!

मेरा  ज़मीर मेरा वजूद
तेरा है मौताज
रौनक बक्श दे अब
जनाज़ा उठने से पहले मेरा!


Copyright @ Ajay Pai 2017
Image courtesy: Pexels

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